देश में पहली बार होगा ऐसा, 6 राज्यों की 17 राज्यसभा सीटें रहेंगी खाली

संसद का प्रतीकात्मक फोटो
दिल्ली | देश के 6 राज्यों की 17 राज्यसभा सीटें गुरुवार को रिक्त हो रही हैं, जिनमें गुजरात और आंध्र प्रदेश में चार-चार, राजस्थान और मध्य प्रदेश में तीन-तीन, झारखंड में दो और मणिपुर की एक सीट शामिल है. इसके अलावा मेघालय की एक सीट 12 अप्रैल को रिक्त हो रही है. इन सीटें के जरिए उच्च सदन पहुंचने की उम्मीद लगाए बैठे नेताओं को अभी और इंतजार करना होगा.
राज्यसभा सीट रिक्त होने के बाद भी यहां फिलहाल चुनाव के आसार नहीं बन पा रहे हैं. हालांकि, इन राज्यों के राजनीतिक इतिहास में राज्यसभा की सीटें रिक्त होने के बाद कभी खाली नहीं रही हैं. हालांकि, चुनाव आयोग ने इन सीटों पर 26 मार्च को चुनाव कराने का ऐलान कर दिया था और उम्मीदवारों ने अपने-अपने नामांकन भी कर दिए थे.
दरअसल देश के 7 राज्यों की 18 राज्यसभा सीटों पर 26 मार्च को चुनाव होने वाले थे, जो लॉकडाउन के कारण स्थगित हो गए हैं. फिलहाल इनके लिए चुनाव कार्यक्रम भी घोषित नहीं हुआ है. कोरोना संक्रमण के मामले जिस तरह से बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के संकेत मिल रहे हैं. इससे साफ जाहिर है कि गुरुवार को रिक्त हो रही यह सीटें किसी भी हालत में इस महीने तक नहीं भरी जा सकेंगी.
जानकारों का कहना है कि यह पहला मौका है जब राज्यसभा की कोई भी सीट रिक्त होने के बाद समय पर नहीं भरी जा सकेगी. यह स्थिति अकेले किसी एक राज्य में नहीं बल्कि सात राज्यों में एकसाथ बन रही है. हालांकि इससे पहले असम और जम्मू-कश्मीर में ऐसी स्थिति रही थी, जब वहां रिक्त हुई सीटें किसी कारणवश खाली रह गई थीं.
संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप कहते हैं कि असम में एक बार राज्यसभा सीटों पर सांसद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी चुनाव नहीं हो सके थे, वहां तब विधानसभा अस्तित्व में नहीं थी तो चुनाव नहीं कराए जा सके थे. इसी अलावा एक बार जम्मू कश्मीर में अशांति का माहौल था, जिसके चलते वहां की राज्यसभा की सीटें रिक्त रही थी.
सुभाष कश्यप ने बताया कि भारतीय संविधान में यह भी प्रावधान किया गया है कि राज्यसभा सीटों पर कार्यकाल समाप्त होने पर किसी परिस्थिति में चुनाव नहीं कराया जाता है तो वहां छह महीने के भीतर राज्यसभा चुनाव कराना जरूरी होता है. छह महीने में चुनाव कराकर राज्यसभा सीट को भरा जाना आवश्यक है. इसी के तहत अब इन राज्यों की सीटों को भरा जाएगा.
हालांकि, चुनाव आयोग राज्यसभा की सीटें रिक्त होने से पहले चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर देता है ताकि राज्यसभा की सीटें किसी भी हालत में रिक्त न रहें. इस के तहत 25 फरवरी को ही चुनाव आयोग ने अप्रैल में रिक्त होने वाली 55 राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव कराने की अधिसूचना जारी कर दी थी, पर कोरोना के संकट और लॉकडाउन के चलते इसे अनिश्चितकालीन के लिए टाल दिया गया है. 37 राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध सदस्य चुने जा चुके हैं. उन्हें सर्टिफिकेट भी मिल गया, लेकिन वे अभी शपथ नहीं ले सके हैं.

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